इसमें अलग अलग class में लोगो की अपनी अपनी विचार धारा होती है | कुछ गिने चुने काम होते है जैसे कुछ लोगो के लिए कुछ काम छोटे या कुछ लोगो के लिए कुछ काम बड़े होते है | जैसे कूड़ेवाला, पंचरवाला, साफ़ सफाई वाला ये कुछ एसे काम है जिसे छोटा काम माना जाता है इसे ही क्लासिसिज़म कहा जाता है |
हालही में एक रामायण एक्सप्रेस लंच हुई थी | ये ट्रेन delhiसे सुरु होकर अयोध्या ,नंदीग्राम, जनकपुर, वाराणसी, प्रयाग, श्रृंगवेरपुर, चित्रकूट, नासिक, हम्पी, रामेश्वरम से होकर गुजरती है जब यह ट्रेन लंच हुआ तब एक साधू ने इसे रोकने की कोशिश की बोला की इससे मेरा धर्म खतरे में पड़ रहा है क्युकी जो भी वेटर उस ट्रेन में खाना बाट रहर थे उन्होंने भगुआ रंग का कपडा पहना हुआ था |
2014 में कुछ नेता कहते थे की अब एक चाय वाला हमारे देश को | इसमें चाय वाले से नामित किया गया | लोगो की एक एसी विचारधार चाय वाले के प्रति की वो कुछ नहीं कर सकता अपनी ज़िन्दगी में |
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